जहा तक हो ऑफिशियल वेबसाइट को दें टाइम
ई-कॉमर्स वेबसाइट के अलावा आप अपने प्रोडक्ट को उसकी निर्माता कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर भी खोजें। वहां उपलब्ध होने पर ही सामान को ही खरीदें। ऐसे में आपको बढ़िया और अच्छा सामान भी मिलेगा और पेमेंट भी सुरक्षित रहेगा।
फेक साइट से रहें सावधान
देश में लगभग 100 से भी ज्यादा ई-कॉमर्स वेबसाईट चल रही हैं। इनमें से कुछ वेबसाइट से लोग अच्छी तरह परिचित हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो फेक है केवल लोगों को धोखा देने का काम करती हैं। कई बार यहां प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दिखा कर लोगों को लुभाया जाता है। ऑर्डर करने पर पैसे तो कट जाते हैं, (इसलिए आप बुक करते समय कैश ऑन डिलीवरी ही चुने) लेकिन सामान या तो नहीं पहुंचता या गलत सामान पहुंचता है । ऐसे में लोगों के पास पछताने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है।
कैश ऑन डिलीवरी सबसे सेफ है
किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता है, कैश ऑन डिलीवरी। अगर किसी सामान को ऑर्डर करने के दौरान यह सुविधा मिलती है, तो आपको इसे ही चुनना चाहिए। इसमें पहले सामान आपके पास पहुंच जाता है, उसके बाद आपको कैश पेमेंट करना होता है। ऐसे में थोखाधड़ी का खतरा कम हो जाता है। यहीं ध्यान रखना जरूरी होता है
सेव डिटेल में 'नो' टिक करें हमेशा
अगर किसी वजह है कैश ऑन की सुविधा नहीं है तो शॉपिंग के दौरान पेमेंट करते वक्त जब आप अपने एटीएम कार्ड की जानकारियां डालते हैं, तो आपको save card details का ऑप्शन मिलता है। कई बार उसमें पहले से ही ok या yes पर टिक किया हुआ होता है। पेमेंट कंफर्म करने से पहले उस टिक को yes से हटा कर no सेलेक्ट कर लें।
यह बात आपको पता होगा कि फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियां खुद सामान नहीं बेचती हैं। इन कंपनियों की साइट के जरिए अलग-अलग रिटेलर्स अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। ऐसे में आपको लिए जरूरी है कि किसी भी सामान को खरीदने से पहले उस सेलर की रिव्यू पढ़ें जो उस सामान को बेच रहा है। रिव्यू आपको साइट पर ही मिल जाएगा। इसके अलावा यदि आ अमेजन से सामान खरीद रहे हैं तो उसके साथ अमेजन फुलफिल्ड का लेबल मिलता है। ऐसे ही फ्लिपकार्ट पर भी लेबल लगा होता है। लेवल के साथ वाला ही प्रोडक्ट ही खरीदें।
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