फर्जी हेल्पलाइन नंबर डालकर ठग लगा रहे लोगों को चूना।
गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करके फोन करना सबसे बड़ा कारण यह है, कि गूगल पर साइबर क्रिमिनल या ठग के बारे में कंपनी की हेल्पलाइन की जगह अपना नंबर डाल देते हैं। इसके बाद जैसे ही कोई गूगल पर किसी बैंक, डिजिटल पेमेंट वॉलेट, इंश्योरेंस, रेलवे, कुरियर, पेट्रोप पंप, गैस एजंसी जैसे कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर को ढूंढ़ता है तो इन पहला रिजल्ट ठगों द्वारा अपलोड किए गए नंबर ही आते हैं। ऐसे में लोगों को लगता है कि फर्जी नंबर हीै सही नंबर है और यहीं नंबर लेके आप कॉल करते हो बस यही से ठग अपना बात बोलना चालू करते है और आपको लगेगा सही नंबर है लेकिन हर बाार सही नहीं होता।
10 तरीके बताते हैं बचने के लिए आप देख सकते हैं क्या है?
1. बैंक/वॉलेट, बैंक, रेलवे, कुरियर, बैंक आदि की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर ही कॉल करें।
2. गूगल जैसे सर्च इंजन पर सर्च करने पर पहला रिजल्ट अक्सर फर्जी होता है। ऐसे में उस नंबर की जांच आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें।
3. ज्यादातर बड़ी कंपनियों के हेल्प का नंबर्स टोल फ्री होते हैं, और इन नंबर की शुरुआत 1800 से या 1860 से होती है।
4. हेल्पलाइन नंबर्स पर किसी भी सूरत में आपसे बैंक खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से संबंधित जानकारी नहीं मांगी जाती है। अगर कोई मांगता है तो फोन काट दें।
5. अपने मोबाइल पर आने मैसेज को ध्यानपूर्वक पढ़ें और किसी अन्य के द्वारा मांगे जाने पर मैसेज में आए ओटीपी या कोई कोड ना बताएं
6. यदि हेल्पलाइन पर बात करने वाला शख्स आपको कोई लिंक भेजता है और क्लिक करने को कहता है या फिर कोई एप डाउनलोड करने को कहता है तो सतर्क हो जाएं।
7. इस तरह के लिंक्स और एप के जरिए आपको बैंक अकाउंट और फोन में सेंध लग सकती है।
8. हेल्पलाइन पर बात करते हुए वह एक्सेस वाले एप जैसे एनीडेस्क एंड्रॉयड आदि जैसे डाउनलोड करने को कहता है तो इन्हें डाउनलोड ना करें।
9. एक्सेस के जरिए आपके फोन को दूर बैठा शख्स अपने कंट्रोल में ले सकता है।
10. बैंक/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/वॉलेट की जानकारी और अपने मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी/वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ साझा ना करें।
जानकारी कैसी लगी कमेंट्स कर के बताएं और शेयर करें...
गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करके फोन करना सबसे बड़ा कारण यह है, कि गूगल पर साइबर क्रिमिनल या ठग के बारे में कंपनी की हेल्पलाइन की जगह अपना नंबर डाल देते हैं। इसके बाद जैसे ही कोई गूगल पर किसी बैंक, डिजिटल पेमेंट वॉलेट, इंश्योरेंस, रेलवे, कुरियर, पेट्रोप पंप, गैस एजंसी जैसे कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर को ढूंढ़ता है तो इन पहला रिजल्ट ठगों द्वारा अपलोड किए गए नंबर ही आते हैं। ऐसे में लोगों को लगता है कि फर्जी नंबर हीै सही नंबर है और यहीं नंबर लेके आप कॉल करते हो बस यही से ठग अपना बात बोलना चालू करते है और आपको लगेगा सही नंबर है लेकिन हर बाार सही नहीं होता।
10 तरीके बताते हैं बचने के लिए आप देख सकते हैं क्या है?
1. बैंक/वॉलेट, बैंक, रेलवे, कुरियर, बैंक आदि की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर ही कॉल करें।
2. गूगल जैसे सर्च इंजन पर सर्च करने पर पहला रिजल्ट अक्सर फर्जी होता है। ऐसे में उस नंबर की जांच आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें।
3. ज्यादातर बड़ी कंपनियों के हेल्प का नंबर्स टोल फ्री होते हैं, और इन नंबर की शुरुआत 1800 से या 1860 से होती है।
4. हेल्पलाइन नंबर्स पर किसी भी सूरत में आपसे बैंक खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से संबंधित जानकारी नहीं मांगी जाती है। अगर कोई मांगता है तो फोन काट दें।
5. अपने मोबाइल पर आने मैसेज को ध्यानपूर्वक पढ़ें और किसी अन्य के द्वारा मांगे जाने पर मैसेज में आए ओटीपी या कोई कोड ना बताएं
6. यदि हेल्पलाइन पर बात करने वाला शख्स आपको कोई लिंक भेजता है और क्लिक करने को कहता है या फिर कोई एप डाउनलोड करने को कहता है तो सतर्क हो जाएं।
7. इस तरह के लिंक्स और एप के जरिए आपको बैंक अकाउंट और फोन में सेंध लग सकती है।
8. हेल्पलाइन पर बात करते हुए वह एक्सेस वाले एप जैसे एनीडेस्क एंड्रॉयड आदि जैसे डाउनलोड करने को कहता है तो इन्हें डाउनलोड ना करें।
9. एक्सेस के जरिए आपके फोन को दूर बैठा शख्स अपने कंट्रोल में ले सकता है।
10. बैंक/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/वॉलेट की जानकारी और अपने मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी/वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ साझा ना करें।
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